दिल्ली का भष्मासुर अरविन्द केजरीवाल
https://www.facebook.com/basant.khatri1कुछ सालों पहले जब अन्ना जी के नेतृत्व में देश से भ्रष्टाचार के खिलाफ बिगुल बजा था तब ऐसा लगा था कि लगता है कि अब राम राज्य आ जायेगा। देश के कोने-कोने से लोग इस आंदोलन का हिस्सा बनने आये,रामलीला मैदान लगभग कुरुक्षेत्र का मैदान बन गया था। खासकर दिल्ली के लोग इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे थे,हर कोई अपने आप में भगवान् शंकर बन रहे थे,हर कोई अपने त्रिनेत्र खोल कर भ्रष्टाचार को लगभग जला रहे थे,रामलील मैदान कोई तीर्थ से काम नहीं लग रहा था, इस आंदोलन की सफलता इस बात पर निर्भर कर रही थी कि इस आनंदोलन को विराट जनता का समर्थन लगातार मिल रहा था, अनशन एक व्यापक रूप ले रहा था,जगह-जगह लोग भ्रष्टाचार के पुतले फूंक थे। हर किसी के पास भृष्टाचारियों के खिलाफ सबूतों का पुलिंदा था। तभी एक मफ़लरधारी ने अपना पत्ता फेंका और कहा आप सभी अगर मुझे आर्शीर्वाद दें तो मैं सभी भ्रष्टचारियों को सजा दूंगा और देश में राम राज्य ला दूंगा,आप को मुफ्त में बिजली ,पानी और साथ में वे वाई -फाई बिलकुल मुफ़्त,बस क्या जो जनता अपने आप को भगवन शंकर समझने लगी थी वरदान रूप में वोटों के आशीर्वाद दे दिया। फिर क्या केजरीवाल नाम के राक्षश भष्मासुर बनकर अब दिल्ली के साथ-साथ देश को भी जल रहा है। अब पता नहीं भगवन विष्णु कब मोहिनी का रूप ले कर इस दनव का अंत करेंगे।
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